सोमवार, 27 मार्च 2017

योगिया

योगिया के आदेश पर,
यूपी में नवरात्र भईल,
राम मंदिर छा गइल,
मांस मच्छी बंद भईल।

भगवा के खेल बा,
विरोधी सब जलल बा,
फैलल इ अफवाह बा,
कि जोगिया न पुरा सेकुलर बा।

गोरखनाथ के मंदिर दिखल,
जहाँ न धरम-जाति के नाम दिखल,
जहाँ हिंदु मुस्लिम एक लगल,
केकरा महंत सेकुलर बुझल।

--©सुमन्त शेखर

सोमवार, 20 मार्च 2017

मुखिया

यूपी के चाल देख ए बबुआ,
मोदी के पीछे चलल हे योगिया,
आज जे है प्रदेश में मुखिया,
कल हो जाई पुरे देश के मुखिया।
--सुमन्त शेखर।

रविवार, 12 मार्च 2017

होलिका दहन

होलिका दहन हो रहा है
जला दो आज,
अपने भीतर बसे,
अहंकार, तृष्णा,
ईर्ष्या, द्वेष,
तमस को,
कल फिर मिलेंगे,
भाईचारे के सन्देश के साथ,
प्रेम, सौहाद्र की चेतना लिए,
होली की शुभकामनाओं के साथ,
आप सबो को होली की मुबारकबाद।
-- सुमन्त शेखर 🙏

सोमवार, 20 फ़रवरी 2017

वाकया

गेट तो हमने भी उड़ाया था,
दीवार के बारे में सोचा भी नहीं,
वो वाकया भी बड़ा गजब था,
जो रास्ते में हमे दिखाई दिया।

वो तो एक ट्रक निकला,
जो हमसे आगे बढ़ गया,
गेट और दीवार को छोड़,
घर के भीतर घुस गया।

मेहरबाँ था आज ऊपरवाला,
नुकसान केवल आर्थिक निकला,
सड़क किनारे घर होने का,
ये भी एक नुकसान निकला।

घर था वो बड़ा मजबूत वाला,
करोड़ पति के रुतबे वाला,
ढह गया दीवार आज उसका,
ये दीवार नहीं, रुतबा था उसका।

--सुमन्त शेखर।

सोमवार, 13 फ़रवरी 2017

चकोर

हमने चाँद पे नजरें लगा रखी थी,
की कहीं चाँद नजरों से ओझल ना होजाये,
कम्बख्त बादल आ गए कहीं से,
और हम चकोर ना हो पाए।
--सुमन्त शेखर।

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2017

गुलाब

गुल से खिलता है गुलाब,
धतूरे को कौन पूछता है,
अरे मोहब्बत का है ये बाजार,
हमे देखता कौन है।

परवानो से है पटा पड़ा,
ये सारा बाजार,
ढूंढ सको तो ढूंढ लो,
तुम अपना सच्चा प्यार,

हर रांझे को हीर मिले,
हर मजनू को लैला,
घर जाने का समय हो गया,
मैं चला बांध के थैला।

--सुमन्त शेखर।

शनिवार, 12 नवंबर 2016

नोटबंदी

ना देखी थी लाइन कभी इतनी लंबी,
किसी लंगर में यारों,
दिख रही है जितनी लंबी आज,
सभी बैंकों के बहार,
शामियाने लगे है ऐसे ,
बैंको के बहार,
लगता है जैसे ,
कोई बैंक पर्व हो आज,
खुल्ला नहीं है,
आज मेरे पास,
देवी लक्ष्मी नाराज है,
बहुतो से आज,
ना एटीएम से मिला पैसा,
ना बैंक में मैं जा सका,
डेबिट कार्ड है संग मेरे,
जिससे मैं राशन ला सका।
--सुमन्त शेखर।